Mental Health

नींद न आने के 4 कारण | Causes of Insomnia

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इन दिनों ज्यादातर लोगों में एक आम समस्या देखने को मिल रही है। यह है, नींद न आना। पिछले दिनों जब लाॅकडाउन शुरू हुआ था लोगों को रात-रात भर जगने की आदत हो गई। शुरू-शुरू में यह शौक था। हर कोई ऑनलाइन (online) वेब सीरीज (web series), फिल्म आदि देखने में अपना समय बिताता था। इस तरह कब रात गुजर गई, पता ही नहीं चला।

लेकिन देखने वाली बात ये है कि पिछले पांच महीनों में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है, जो रात-रात भर सोते नहीं है। इसलिए नींद न आना या न सोना (insomnia) एक बीमारी का रूप ले रही है। कहीं आप भी ऐसे ही लोगों में शामिल तो नहीं हैं? अगर हां, तो यहां मौजूद लेख को जरूर पढ़ें और अपनी समस्या पर ध्यान दें ताकि अच्छी नींद लें सकें।

आगे बढ़ने से पहले आपको बताते चलें कि एक व्यक्ति को सामान्यत तौर पर आठ घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। गहरी नींद 4 घंटे की भी पर्याप्त है। नींद अच्छे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के स्वास्थ्य (physical and mental health) के लिए जरूरी है। इसलिए कोशिश करें कि रोजाना समय पर सोएं और पर्याप्त नींद लें।

वजह (Causes)

मानसिक परेशानियां (Mental Problem)

नींद न आने की बड़ी वजह है एंग्जायटी, स्ट्रेस और डिप्रेशन (Anxiety, stress, and depression)। यह क्रोनिक इनसोमनिया के कारण (most common causes of chronic insomnia) माने जाते हैं। यदि आप लंबे समय तक सो नहीं पा रहे हैं, तो एंग्जायटी, स्ट्रेस और डिप्रेशन (Anxiety, stress, and depression) के लक्षण और भी भयावह रूप में नजर आ सकते हैं।

इसके अलावा नींद न आने की वजह गुस्सा, चिंता, बाईपोलर डिसऑर्डर, ट्राॅमा (anger, worry, bipolar disorder, and trauma) आदि भी हो सकते हैं। इनसोमनिया यानी नींद की बीमारी से उबरना है, तो सबसे पहले इन मानसिक परेशानियों का समाधान ढूंढ़ना होगा। इसके लिए विशेषज्ञों से संपर्क करें। यदि लंबे समय तक इन बीमारियों का इलाज न किया गया और नींद न आने की समस्या ज्यों की त्यों बनी रही तो मरीज की स्थिति को संभालना काफी मुश्किल हो सकता है।

स्वास्थ्य समस्या (Medical illness)

कई ऐसी बीमारियां भी होती हैं, जिस वजह से व्यक्ति सो नहीं पाता। इनमें खासकर अस्थमा (asthma), एलर्जी (allergies), पर्किंसन डिजीज (Parkinson’s disease), हाईपरथायराॅईडिज्म (hyperthyroidism), एसिड रिफ्लक्स (acid reflux), किडनी की बीमारियां (kidney disease) और कैंसर (cancer) शामिल हैं। कई मामलों में यह भी देखा गया है कि गंभीर दर्द (Chronic pain) के कारण भी मरीज सो नहीं पाया है।

यहां बताई गई बीमारियों के अलावा भी अन्य बीमारियां हो सकती हैं, जिनकी वजह से व्यक्ति सो नहीं पाता। मरीज को चाहिए कि डाॅक्टर से संपर्क करे और अपनी बीमारियों का पूरा इलाज करवाएं। नींद की समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी।

दवाईयां (Medications)

कुछ मामलों में दवाईयां खुद भी मरीज की नींद खराब कर सकती है। असल में कुछ दवाईयों का असर ऐसा होता है, जो मरीज की नींद में बाधा डालता है। इनमें एंटी डिप्रेसेंट (antidepressants), कार्टिकोस्टेराॅएड्स (corticosteroids), थाइराॅयड हार्मोन (thyroid hormone), हाई ब्लड प्रेशर की दवाईयां (high blood pressure medications) और कुछ कंट्रासेप्टिव (contraceptives) पिल्स। कुछ अन्य दवाईयां भी चैन से न सोने का कारण बन सकती है। 

यदि आपको नींद नहीं आ रही है और कोई दवा ले रहे हैं, तो इस संबंध में अपने डाॅक्टर से जरूर बात करें। जरूरी होगा तो वे दवाई बदलेंगे या फिर आपको उसका कोई अन्य विकल्प परामर्श कर सकते हैं।

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